मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश भर में संगठनात्मक नियुक्तियों का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार देर रात पार्टी ने ग्वालियर जिले के ब्लॉक और उप-ब्लॉक अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी। हालांकि, यह सूची राहत से ज्यादा सियासी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि ग्वालियर विधानसभा और ग्वालियर पूर्व विधानसभा (मुरार ब्लॉक) में अध्यक्ष पद की घोषणा रोक दी गई है।
पार्टी ने जिले की अधिकांश विधानसभा सीटों पर नियुक्तियां कर दी हैं, लेकिन इन दो जगहों पर अंदरूनी कलह और नेताओं के बीच सहमति न बन पाने के कारण फैसला टालना पड़ा है।
क्यों अटकी इन दो जगहों की घोषणा?
इन नियुक्तियों को रोकने के पीछे का मुख्य कारण पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और दावेदारों की भारी भीड़ है।
ग्वालियर विधानसभा (Gwalior Assembly):
ग्वालियर विधानसभा सीट पर पेंच सबसे ज्यादा फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी यहाँ टिकट के लिए दावेदारों की संख्या सबसे अधिक थी, और अब संगठन के पदों के लिए भी यही स्थिति है। बताया जा रहा है कि यहाँ तीन मुख्य दावेदार हैं, जिनके समर्थकों के बीच किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। आपसी खींचतान और विवाद से बचने के लिए पार्टी ने फिलहाल यहाँ ब्लॉक अध्यक्ष की घोषणा को होल्ड पर रख दिया है।
ग्वालियर पूर्व विधानसभा – मुरार ब्लॉक (Gwalior East – Murar Block):
ग्वालियर पूर्व विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ‘मुरार ब्लॉक’ में मामला दो बड़े नेताओं (दिग्गजों) की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। यहाँ अध्यक्ष पद के लिए मुख्य रूप से विनोदी जैन और सौरभ जैन के नामों पर चर्चा है। दोनों ही नाम अलग-अलग गुटों या नेताओं द्वारा समर्थित हैं। इन “दो दिग्गजों” के बीच चल रही कशमकश के कारण मुरार ब्लॉक के अध्यक्ष का फैसला नहीं हो सका है।
इन क्षेत्रों में हुई नियुक्तियां
ग्वालियर पूर्व विधानसभा:
इंदरगंज उप ब्लॉक: अनूप शिवहरे
थाटीपुर: संदीप यादव
गोला का मंदिर: राजेश तोमर
मेला ग्राउंड: रेखा जाटव
(नोट: मुरार उपब्लॉक की घोषणा नहीं की गई है)
ग्वालियर दक्षिण विधानसभा:
गोल पहाड़िया: लक्ष्मी माथुर
राम मंदिर: कुलदीप व्यास
हेमू कालानी: श्याम सुंदर श्रीवास्तव
कंपू: हरी जाटव
माधवगंज: अंसार खान
ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा:
पूर्वी छावनी: अतर सिंह यादव
बेरजा: केदार कौशल
छावनी कैंट: साहब सिंह बघेल
हस्तिनापुर: कल्याण सिंह गुर्जर
