ग्वालियर: चंबल के बीहड़ों में पिछले दो महीने से पुलिस और डकैत के बीच चल रहे ‘चूहे-बिल्ली’ के खेल का अंत हो गया है, लेकिन इस अंत ने ग्वालियर पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। 25000 रुपये का इनामी और गर्भवती महिला के अपहरण का आरोपी, डकैत योगी उर्फ योगेंद्र गुर्जर अब सलाखों के पीछे है—लेकिन उसे ग्वालियर पुलिस ने नहीं पकड़ा, बल्कि राजस्थान के धौलपुर में वह हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ‘सर्च’ करती रही, वो ‘सिस्टम’ को चकमा दे गया
ग्वालियर पुलिस के लिए यह मामला साख का सवाल बन गया था। योगी गुर्जर वही डकैत है जिसने अक्टूबर में तिघरा क्षेत्र से एक गर्भवती महिला का अपहरण कर पुलिस को सीधी चुनौती दी थी। पुलिस ने महिला को तो मुक्त करा लिया, लेकिन आरोपी हाथ से फिसल गया।
इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। ग्वालियर पुलिस ने अपनी कई टीमों को सक्रिय किया, जंगलों में कॉम्बिंग की, और दावा किया कि डकैत का बचना नामुमकिन है। लेकिन हकीकत यह है कि आरोपी पुलिस के हाई-प्रोफाइल ‘सर्च ऑपरेशन’ के बीच से निकलकर दूसरे राज्य (राजस्थान) पहुंच गया और वहां दूसरे राज्य की पुलिस ने उसकी आराम से गिरफ्तारी कर ली जबकि ग्वालियर पुलिस पर हमला करने में बदमाश पीछे नहीं हटा था। अभी हाल ही में, हस्तिनापुर के जंगलों में पुलिस और योगी गैंग के बीच एक आमना-सामना हुआ था। खबरों के मुताबिक, डकैत ने पुलिस पार्टी पर ऑटोमैटिक हथियारों से करीब 40 राउंड फायर किए थे। उस वक्त पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने गैंग को घेर लिया है।
आज जनता यह सवाल पूछ रही है कि वह कैसा घेरा था जिसे तोड़कर एक इनामी बदमाश न सिर्फ भाग निकला, बल्कि राज्य की सीमा भी पार कर गया? विशेषज्ञ मानते हैं कि जंगलों में हुई वह मुठभेड़ और पुलिस की घेराबंदी शायद उतनी मजबूत नहीं थी जितना दावा किया गया था, या फिर डकैत का ‘इंटेलिजेंस नेटवर्क’ पुलिस के नेटवर्क से ज्यादा तेज निकला।
क्या अपनी मर्जी से पकड़ा योगी ?
यह घटनाक्रम बताता है कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के बावजूद, बीहड़ के अपराधी आज भी पुलिसिंग के पुराने ढर्रे से एक कदम आगे चल रहे हैं। योगी गुर्जर का धौलपुर में पकड़ा जाना ग्वालियर पुलिस के खुफिया तंत्र (Intelligence Failure) की एक बड़ी चूक मानी जा रही है। अब भले ही पुलिस कागजों में अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन ये हवा भी खूब उड़ रही है कि शिकार शिकारी की मर्जी से नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से जाल में आया है।
