ग्वालियर (द चंबल पोस्ट)। सत्ता का नशा और रसूख की हनक किस कदर हावी हो सकती है, इसका ताजा मामला ग्वालियर के मेहरा टोल प्लाजा के पास देखने को मिला है। यहाँ कार टच होने की मामूली बात पर भाजपा नेता ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक कंटेनर चालक और उसके भाई को फिल्मी स्टाइल में 10 किलोमीटर तक खदेड़ा और फिर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उनके हाथ-पैर तोड़ दिए। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा जरूर, लेकिन कुछ ही देर में नोटिस तामील कर उन्हें छोड़ दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना सोमवार शाम की है। कन्नौज (यूपी) निवासी उपेंद्र यादव अपना कंटेनर लेकर डबरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मेहरा टोल के पास एक स्विफ्ट कार (MP 07 CJ 0236) ने साइड से कंटेनर को रोकने की कोशिश की। जब कंटेनर नहीं रुका, तो कार सवारों ने अपने एक अन्य साथी की थार जीप (MP 07 ZK 8725) के साथ कंटेनर का पीछा करना शुरू कर दिया।
10 किलोमीटर तक पीछा, फिर टेकनपुर पर बरपाया कहर
आरोपियों ने लगभग 10 किलोमीटर तक कंटेनर का पीछा किया और टेकनपुर के पास उसे ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद कार और थार से उतरे हमलावरों ने डंडे निकालकर कंटेनर में बैठे उपेंद्र यादव और उनके भाई आशीष यादव की बेदम पिटाई शुरू कर दी। मारपीट इतनी भयानक थी कि आशीष यादव का हाथ टूट गया और पैर में गंभीर चोटें आईं। उपेंद्र के शरीर से भी खून बहने लगा।
लूट की सूचना पर पहुंची पुलिस, निकला सत्ता का रौब
पिटाई से घायल चालक ने जान बचाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को ‘लूट’ की सूचना दी। सूचना मिलते ही आंतरी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि हमलावर कोई लुटेरे नहीं, बल्कि भाजपा नेता और उनके साथी हैं। घायल चालक ने पुलिस को बताया कि हमलावर एक-दूसरे का नाम नाथू सिंह यादव और जीतेंद्र यादव बता रहे थे।
पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस की कार्रवाई की हो रही है। आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने भाजपा नेता सहित दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर उनकी कार और थार जब्त कर ली थी। चूंकि अपराध ‘नोटिसेबल’ (जमानती धाराओं में) था, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत हमलावरों को नोटिस जारी कर छोड़ दिया गया है।
