ग्वालियर, क्राइम रिपोर्टर) | तकनीक अपराध जगत में पुलिस की सबसे बड़ी मददगार बनकर उभर रही है। ग्वालियर के नारायण विहार कॉलोनी में हुए एक नृशंस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है। शव की शिनाख्त न हो पाने पर एसपी ने एआई तकनीक का उपयोग कर मृतका का चेहरा रिक्रिएट (Recreate) किया है, ताकि उसकी पहचान हो सके।
AI से तैयार की गईं 30 तस्वीरें, दो को किया गया फाइनल
गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के नारायण विहार कॉलोनी में एक अज्ञात युवती की हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने पहचान छिपाने के लिए युवती के चेहरे को पत्थर से दो बार बुरी तरह कुचला था, जिससे शव की शिनाख्त मुश्किल हो गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनु बेनीवाल ने एक अनूठी पहल की। उन्होंने मृतका के क्षत-विक्षत शव के फोटो को स्कैन कर एआई (AI) की मदद ली। एआई के जरिए अलग-अलग 30 संभावित तस्वीरें बनाई गईं। इनमें से दो तस्वीरें, जो मृतका के चेहरे से सबसे ज्यादा मेल खाती थीं, उन्हें फाइनल किया गया।
क्यों बनाई गईं दो अलग-अलग तस्वीरें?
पुलिस ने एआई से जो दो तस्वीरें तैयार करवाई हैं, उनमें एक खास अंतर रखा गया है:
टूटे दांत वाली फोटो: शव परीक्षण में पाया गया कि मृतका का एक दांत टूटा हुआ था। पुलिस का मानना है कि हत्यारे द्वारा चेहरे पर पत्थर पटकने के दौरान यह दांत टूटा होगा।
साफ चेहरे वाली फोटो: दूसरी तस्वीर में सभी दांत सही सलामत दिखाए गए हैं, ताकि अगर दांत घटना के वक्त टूटा हो, तो भी लोग उसे पहचान सकें।
दुष्कर्म की पुष्टि और जांच में पेंच
शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के साथ हत्या से पहले दुष्कर्म (Rape) की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान पुलिस को उस वक्त झटका लगा जब मृतका की एक सहेली के बारे में सुराग मिला। पुलिस को लगा कि वही मृतका हो सकती है, लेकिन वह सहेली अपने परिवार के साथ सुरक्षित मिली। इसके बाद जांच फिर अटक गई।
10 हजार का इनाम और पोस्टर वार
अब पुलिस ने एआई से बनी इन तस्वीरों के पोस्टर बनवाकर पूरे इलाके में लगवा दिए हैं और सोशल मीडिया पर भी वायरल किया जा रहा है। पुलिस ने युवती की पहचान बताने या हत्यारे का सुराग देने वाले को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है। फिलहाल पुलिस कुछ संदेहियों से पूछताछ कर रही है और उम्मीद जता रही है कि इस नई तकनीक से जल्द ही कातिल पुलिस की गिरफ्त में होगा।
