ग्वालियर/डबरा: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। एक सरकारी हॉस्टल की अधीक्षिका (Warden) ने अपने ही पति की हत्या की ऐसी खौफनाक साजिश रची कि सुनने वालों के होश उड़ गए। श्रद्धा और भक्ति के नाम पर पति को घर से निकाला और रास्ते में अपने दोस्त के साथ मिलकर उसका गला रेत दिया।
प्यार, शादी और फिर खूनी अंत
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्वालियर के मुरार स्थित शासकीय छात्रावास में पदस्थ 45 वर्षीय हेमलता ने साल 2015 में खुद से 6 साल छोटे कल्याण (39 वर्ष) से प्रेम विवाह किया था। हेमलता को यह नौकरी अपने पहले पति (जो शिक्षक थे) की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के रूप में मिली थी। शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में कड़वाहट आ गई।
कथा के बहाने ‘मौत का जाल’
हेमलता के अनुसार, कल्याण अक्सर शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने अपने पड़ोस में रहने वाले दोस्त अमित सूरी के साथ मिलकर कल्याण को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
प्लानिंग: 18 फरवरी को हेमलता ने कल्याण को डबरा में चल रही पं. धीरेंद्र शास्त्री की ‘नवग्रह महोत्सव’ कथा सुनाने के बहाने राजी किया।
वारदात: चलती कार में ही कल्याण का गला घोंटा गया। जब आरोपियों को शक हुआ कि वह अभी मरा नहीं है, तो वे उसे दतिया के चिरुला थाना क्षेत्र के फुल्लरा रोड पर ले गए और वहां धारदार हथियार से उसका गला काट दिया।
CCTV और कॉल डिटेल ने खोला राज
19 फरवरी को सड़क किनारे अज्ञात लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। दतिया एसपी के निर्देशन में जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल्स ने हेमलता की पोल खोल दी। कड़ाई से पूछताछ करने पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमलता और उसके दोस्त अमित सूरी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक सहेली की भूमिका की अभी जांच की जा रही है।
