ग्वालियर
शहर के भिंड रोड स्थित कटारे फार्म हाउस के पास चार दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मिली एक महिला की लाश की शिनाख्त आखिरकार कर ली गई है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया, जो कारगर साबित हुआ। मृतक महिला की पहचान ‘काली बाई’ के रूप में हुई है, जो मजदूरी का काम करती थी।
AI तकनीक ने ऐसे की पुलिस की मदद
गोला का मंदिर थाना पुलिस के लिए महिला की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। शव मिलने के बाद पुलिस ने हाईटेक तरीका अपनाते हुए मृतक महिला का चेहरा एआई (AI) तकनीक की मदद से बनवाया। इसके अलावा, पहचान बताने वाले के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस एआई द्वारा तैयार फोटो को लेकर उन इलाकों में पहुंची जहां मजदूर वर्ग रहता है। पुलिस की यह तलाश मेला ग्राउंड के पीछे जाकर खत्म हुई। वहां रहने वाले मजदूरों और चाय का ठेला लगाने वालों ने फोटो देखकर महिला को पहचान लिया और बताया कि उसका नाम काली बाई है और वह मजदूरी करती थी। हालांकि, अभी तक उसके परिजनों और निवास स्थान का पता नहीं चल सका है।
क्या था पूरा मामला?
29 दिसंबर की शाम को भिंड रोड स्थित कटारे फार्म हाउस के पास जंगल की तरफ राहगीरों ने एक महिला की निवस्त्र लाश देखी थी, जिसकी सूचना गोला का मंदिर पुलिस को दी गई। मौके पर खून से सना पत्थर, महिला और पुरुष के कपड़े मिले थे। हालात देखकर पुलिस को पहली नजर में ही हत्या का शक हो गया था।
शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
शव की हालत और मौके से मिले सबूतों को देखकर पहले कयास लगाए जा रहे थे कि महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। लेकिन, शॉर्ट पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट ने इस आशंका को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में महिला के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का बयान
गोला का मंदिर थाना प्रभारी अनुराग सिंह तोमर ने बताया कि मृतका की पहचान काली बाई के रूप में हो गई है। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने जांच का पहला और सबसे कठिन पड़ाव पार कर लिया है। अब पुलिस का पूरा फोकस हत्यारों को पकड़ने पर है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
