ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र में जब एनएसजी (NSG) कमांडो आतंकी हमले जैसी स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कर रहे थे, तभी शराब के नशे में धुत तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक आरक्षक रवि कुमार विमल पर कार चढ़ा दी और उन्हें बोनट पर लटकाकर काफी दूर तक घसीटा।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार देर रात की है। सिंधिया स्कूल और किले के पास एनएसजी कमांडो की मॉक ड्रिल चल रही थी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बस स्टैंड के पास बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक रखा था। इसी दौरान बस स्टैंड की तरफ से आ रही एक सफेद होंडा अमेज कार (MP 07 CJ 1124) को जब आरक्षक रवि कुमार विमल ने रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने रफ्तार कम करने के बजाय बैरिकेड्स को टक्कर मार दी।
सिपाही ने जब कार के सामने आकर उसे रोकना चाहा, तो आरोपियों ने उन पर कार चढ़ा दी। अपनी जान बचाने के लिए आरक्षक बोनट पर चढ़ गए। इसके बावजूद आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी और आरक्षक को बोनट पर लटकाए हुए ही तिराहे तक ले गए, जहाँ उन्हें झटके से पटक कर फरार हो गए।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस अलर्ट हो गई। घेराबंदी कर कार का पीछा किया गया और निरावली के पास तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोहेल खान (निवासी गोहद), मुनेंद्र सिंह भदौरिया (निवासी गोरमी, भिंड) और अंकित गुर्जर (निवासी गोरमी) के रूप में हुई है।
शराब पार्टी और डर के कारण भागे
पूछताछ में पता चला कि कार शैलेंद्र गुर्जर की है, जो मुनेंद्र सिंह के गैरेज पर ठीक होने आई थी। मुनेंद्र अपने साथियों के साथ ग्वालियर में सामान लेने आया था और रात में शराब पार्टी करके लौट रहे थे। पुलिस चेकिंग और नशे में होने के कारण चालान के डर से उन्होंने भागने की कोशिश की, जिससे यह बड़ा हादसा होते-होते बचा।
पुलिस कार्रवाई: पड़ाव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और लापरवाही से वाहन चलाने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
