ग्वालियर जिले के विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के हालिया विश्लेषण से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बहुत मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं ग्वालियर पूर्व जैसे शहरी इलाकों में वोटरों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है। इस बदलाव में शहरीकरण के साथ-साथ नई कालोनियों की बसाहट जैसे , शताब्दीपुरम, डी डी नगर, विनय नगर, सिटी सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। जिसमें भिंड मुरैना वा पास के इलाकों से बड़ी संख्या में मतदाता ग्वालियर पूर्व विधानसभा में निवासरत है।
पलायन ने बदला समीकरण
ग्रामीण इलाकों के युवाओं और परिवारों का बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन अब एक बड़ी सच्चाई बन गया है। यही कारण है कि ग्वालियर ग्रामीण और भितरवार जैसे क्षेत्रों में मतदाता आंकड़े लगभग स्थिर हैं, जबकि ग्वालियर पूर्व समेत शहर की ओर लगे नए रिहायशी क्षेत्रों में भारी इजाफा देखा जा रहा है।
2003 और 2025 के आंकड़ों में बड़ा अंतर

शहरी विस क्षेत्रों में मतदाताओं की असाधारण बढ़ोतरी शहरीकरण और नई कॉलोनी की बसाहट से सीधे जुड़ी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में आबादी का शहरों की ओर पलायन एक बड़ी वजह है कि वहां मतदाता वृद्धि बहुत सीमित रही है। आने वाले वर्षों में राजनीतिक और विकास कार्यों की दिशा इसी बदलते जनसंख्या संतुलन की मांगों के अनुसार तय होगी।
