ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने “पड़ोसी ही सबसे बड़ा रक्षक होता है” वाली कहावत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पड़ोसन पर परिवार आँख मूंदकर भरोसा करता था, वही उनकी गोद सूनी करने वाली ‘किडनैपर’ निकली। 3 दिन तक बच्चे की माँ के साथ आँसू बहाने का नाटक करने वाली इस महिला का सच जब पुलिस ने बेनकाब किया, तो हर कोई सन्न रह गया।
क्या है पूरा मामला?
बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर से 6 दिसंबर की सुबह अचानक डेढ़ वर्षीय मासूम संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। बच्चे की माँ मानसिक रूप से कमजोर है, जिसका फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाली दीपिका उर्फ सुनैना (पत्नी मनोज पाठक) ने बच्चे को अगवा कर लिया।
हैरानी की बात यह है कि अपहरण के बाद आरोपी महिला दीपिका 2 दिन तक बच्चे के परिजनों के साथ मिलकर उसे ढूंढने का ढोंग करती रही। उसने पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सकी।
पुलिस को ऐसे हुआ शक
घटना के बाद परिजन 8 दिसंबर को थाने पहुँचे। मामला 1.5 साल के मासूम का था, इसलिए ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह और IG अरविंद सक्सेना ने इसे गंभीरता से लिया। IG ने तुरंत टीम पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और मोबाइल लोकेशन) को खंगाला, तो सुई बार-बार पड़ोसन दीपिका पर जा रही थी। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बच्चे नहीं हो रहे थे, इसलिए चुरा लिया’
पूछताछ में आरोपी दीपिका ने बताया कि उसकी शादी को काफी समय हो गया था, लेकिन उसके बच्चे नहीं हो रहे थे। समाज और परिवार के ताने से बचने के लिए उसने पड़ोस के बच्चे को अपना बनाने की साजिश रची। उसने बच्चे को अगवा कर अपनी मुंहबोली चाची के पास झाँसी भेज दिया था, ताकि मामला ठंडा होने पर उसे अपने पास रख सके।
24 घंटे में सुलझी गुत्थी
पुलिस ने रातों-रात टीम भेजकर बच्चे को झाँसी से सकुशल बरामद किया। जैसे ही बच्चा ग्वालियर लाया गया और एसएसपी धर्मवीर सिंह की गोद में आया, तो थाने का माहौल भावुक हो गया। बच्चे को सही सलामत देख परिजनों के आँसू नहीं रुक रहे थे। पुलिस ने आरोपी महिला दीपिका और उसकी मुंहबोली चाची को गिरफ्तार कर लिया है।
