(ग्वालियर, क्राइम डेस्क): मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। अपराध की दुनिया में अक्सर बड़ों के नाम आते हैं, लेकिन यहां एक 14 साल के मासूम चेहरे के पीछे एक ‘खूंखार कातिल’ छिपा बैठा था। झांसी रोड इलाके में हुई 17 वर्षीय किशोर नितिन की हत्या की गुत्थी जब पुलिस ने सुलझाई, तो वजह जानकर हर किसी की रूह कांप गई।
48 घंटे में पर्दाफाश: कातिल कोई और नहीं, पड़ोसी निकला
झांसी रोड पुलिस ने 48 घंटे के भीतर नितिन हत्याकांड का राजफाश कर दिया है। रविवार दोपहर को गंजी पहाड़ी की झाड़ियों में नितिन की खून से लथपथ लाश मिली थी। उसके शरीर और मुंह पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। पुलिस को लगा था कि यह किसी पुराने अपराधी का काम है, लेकिन जांच की सुई 14 साल के पड़ोसी पर जाकर रुकी।
वारदात की इनसाइड स्टोरी: पूरी प्लानिंग के साथ किया ‘शिकार
यह हत्या आवेश में नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी। बाल अपचारी (आरोपी) ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के लिए पूरी योजना बनाई थी।
हथियार की तैयारी: घर में रखी कुल्हाड़ी को उसने एक थैले में छिपाया।
लोकेशन की रेकी: रविवार सुबह वह उसी जगह पहुंच गया, जहां नितिन रोज शौच के लिए जाता था।
मौत की धार: नितिन के आने से पहले आरोपी ने पत्थर पर रगड़कर कुल्हाड़ी की धार तेज की।
दहशत का मंजर: जैसे ही नितिन बैठा, पीछे से 14 साल के इस लड़के ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 7 वार किए। नितिन तड़पता रहा और अंत में उसकी सांसें थम गईं।
बदले की आग: “वो मुझे रोज जलील करता था”
पुलिस हिरासत में जब बाल अपचारी से पूछताछ की गई, तो वह पहले रोने लगा। फिर उसने जो बताया, वह समाज के लिए एक चेतावनी है। उसने कहा, “नitin मुझे रोज पीटता था। मुझे जहां मिलता था, जलील करता था। मैंने अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसे मार डाला।” आरोपी के अनुसार, वह रोज-रोज की मारपीट से तंग आ चुका था और उसके अंदर नफरत भर गई थी।
मां-बाप का गुनाह: बेटे के हाथ खून से सने थे, फिर भी छिपाया
इस मामले में आरोपी के माता-पिता की भूमिका भी संदिग्ध और हैरान करने वाली रही। हत्या करने के बाद जब बेटा घर पहुंचा और उसने माता-पिता को बताया कि उसने नितिन को मार डाला है, तो उन्होंने पुलिस को बताने के बजाय बेटे का अपराध छिपाया।
पिता ने बेटे को अपनी बहन (बुआ) के घर भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते नितिन को अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उसे खून बहुत निकल रहा था और वह काफी देर तक तड़पता रहा।
CCTV ने खोला राज
पुलिस को जांच के दौरान करीब 30 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी पड़ी। एक फुटेज में कुछ किशोर तेजी से भागते दिखे, जिससे पुलिस को सुराग मिला। जब कड़ाई से पूछताछ हुई, तो 14 वर्षीय आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
