ग्वालियर (द चंबल पोस्ट)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद चौंकाने वाला और संदेहास्पद मामला सामने आया है। यहां एक युवक अपनी लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत के बाद, उसके शव को अकेले ही श्मशान घाट लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंच गया। गनीमत रही कि पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया। अगर पुलिस 5 मिनट भी लेट होती, तो महिला का अंतिम संस्कार हो चुका होता और मौत का राज हमेशा के लिए दफन हो जाता। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (PM) के लिए भेज दिया है और आरोपी प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।
श्मशान में अकेले देखकर लोगों को हुआ शक
यह पूरी घटना ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र के गुढ़ा-गुढ़ी का नाका मुक्तिधाम की है। रविवार को योगेश राठौर नाम का युवक अचानक अपनी लिव-इन पार्टनर मीनू के शव को लेकर श्मशान घाट पहुंचा। वह बिना किसी रिश्तेदार, परिजन या पड़ोसियों के अकेले ही अंतिम क्रिया की तैयारी कर रहा था। श्मशान घाट में मौजूद अन्य लोगों को एक महिला के शव के साथ युवक को अकेला देख गहरा शक हुआ।
वहां मौजूद सजग नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को दी। सूचना मिलते ही एसआई गुलाब सिंह, प्रधान आरक्षक योगेंद्र जाट, आरक्षक सुरेश धाकड़ और पंजाब सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और जलने ही वाली चिता से शव को अपने कब्जे में लिया।
साल 2024 में पति और दो बच्चों को छोड़कर भागी थी मीनू
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका मीनू मूल रूप से भिंड की रहने वाली थी। उसकी शादी वर्ष 2013 में रामानंद चौहान के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच मीनू की मुलाकात भिंड के ही रहने वाले नर्सिंग कर्मी योगेश राठौर से हुई।
दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद साल 2024 में मीनू अपने हंसते-खेलते परिवार, पति और दो मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी योगेश के साथ भाग गई। इसके बाद से दोनों दिल्ली में लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे।
पूछताछ में प्रेमी योगेश ने क्या बहाना बनाया?
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी योगेश ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से मीनू की तबीयत काफी खराब थी। जब पुलिस ने मीनू की बीमारी और उसके इलाज के डॉक्टर के पर्चे (Prescription) मांगे, तो योगेश कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसने दावा किया कि वह घर पर खुद ही उसका इलाज कर रहा था।
जब पुलिस ने उससे पूछा कि वह दिल्ली से शव लेकर ग्वालियर के श्मशान में अकेले अंतिम संस्कार क्यों कर रहा था और उसने किसी परिजन को सूचना क्यों नहीं दी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। योगेश की इसी संदिग्ध हरकत के कारण पुलिस का शक गहरा गया।
