ग्वालियर।
शहर को हिला देने वाले 6 साल के मासूम शिवाय के अपहरण मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में फरियादी और बच्चे की मां, आरती गुप्ता, कोर्ट में अपने बयानों से पलट गई हैं। बुधवार को ट्रायल कोर्ट में गवाही के दौरान उन्होंने आरोपियों को पहचानने से साफ इनकार कर दिया, जिससे पुलिस की जांच और केस की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कोर्ट में क्या हुआ?
बुधवार को कोर्ट में आरती गुप्ता के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कियह घटना 13 फरवरी की है, जब मुरार क्षेत्र की सीपी कॉलोनी में सुबह 8 बजे आरती गुप्ता अपने 6 साल के बेटे शिवाय को स्कूल छोड़ने पैदल जा रही थीं। तभी बाइक सवार दो युवक आए, उन्होंने आरती की आंखों में मिर्ची झोंक दी और दिनदहाड़े बच्चे का अपहरण कर ले गए। इस वारदात ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। वह कोर्ट में मौजूद आरोपियों को नहीं पहचानती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस की कार्यवाही पर भी गंभीर आरोप लगाए। आरती ने कहा कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) उन्हें पुलिस द्वारा कभी दिखाए ही नहीं गए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनसे सिर्फ कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे और एफआईआर (FIR) में लिखी कहानी उनके कहे अनुसार नहीं है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 13 फरवरी की है, जब मुरार क्षेत्र की सीपी कॉलोनी में सुबह 8 बजे आरती गुप्ता अपने 6 साल के बेटे शिवाय को स्कूल छोड़ने पैदल जा रही थीं। तभी बाइक सवार दो युवक आए, उन्होंने आरती की आंखों में मिर्ची झोंक दी और दिनदहाड़े बच्चे का अपहरण कर ले गए। इस वारदात ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी।
आरोपियों की स्थिति
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें शामिल हैं:
राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर (गिरफ्तारी: 15 फरवरी)
भोला गुर्जर (मास्टरमाइंड – गिरफ्तारी: 19 फरवरी)
मोनू गुर्जर, भूरा गुर्जर (18 फरवरी), धर्मेंद्र गुर्जर (23 फरवरी)
राहुल कंसाना (कोर्ट में सरेंडर – 26 फरवरी)
मां के द्वारा बयान बदलने और आरोपियों को पहचानने से इनकार करने के बाद अब यह देखना होगा कि अभियोजन पक्ष इस केस को कोर्ट में कैसे साबित करता है।
