ग्वालियर/मुरैना। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक युवा वकील की आत्महत्या ने खाकी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 5 साल का लिव-इन रिलेशनशिप, 30 दिसंबर को होने वाली शादी और फिर एक कमरे में अपनी ही मंगेतर (महिला सब इंस्पेक्टर) को किसी और (सिपाही) के साथ देखने का सदमा। इस त्रिकोणीय प्रेम कहानी (Love Triangle) का अंत वकील मृत्युंजय चौहान की मौत के साथ हुआ।
युवा वकील ने फांसी लगाने से पहले सोशल मीडिया पर अपने दर्द को बयां करते हुए लिखा— “प्रेम में मुक्ति नहीं, मृत्यु है।”
क्या है पूरा मामला?
ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श पुरम में रहने वाले वकील मृत्युंजय चौहान का शव उनके किराए के मकान में फांसी पर लटका मिला। मृत्युंजय पिछले 5 सालों से मुरैना में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर प्रीती जादोन के साथ लिव-इन रिलेशन में थे। दोनों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था और इसी महीने की 30 तारीख (30 दिसंबर) को दोनों शादी के बंधन में बंधने वाले थे। लेकिन, मुरैना पुलिस लाइन में पदस्थ सिपाही अराफात खान की एंट्री ने इस रिश्ते को मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया।
“सिपाही के साथ कमरे में पकड़ा, तब खुला राज”
मृत्युंजय के दोस्तों और परिजनों के अनुसार, वकील ने अपनी मंगेतर प्रीती जादोन और सिपाही अराफात खान को एक कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसी घटना ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया।
- पत्नी को किया था कॉल: इस धोखे से आहत वकील ने सिपाही अराफात खान की पत्नी को भी फोन कर सारी सच्चाई बताई थी।
- SP से की थी शिकायत: मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत्युंजय ने मुरैना एसपी (SP) को 3 पेज का एक शिकायती आवेदन भी दिया था, जिसमें उन्होंने अपने साथ हो रहे मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था।
सोशल मीडिया पर आखिरी पैगाम और मौत
आत्महत्या जैसा कदम उठाने से ठीक पहले मृत्युंजय ने सोशल मीडिया पर प्रीती के साथ अपनी फोटो डालते हुए एक दिल दहला देने वाला पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा कि “प्रेम में मुक्ति नहीं, मृत्यु है।” इसके बाद उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि एसपी को शिकायती आवेदन देने के बावजूद इस मामले में समय रहते कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई थी। अब वकील की मौत के बाद ग्वालियर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।
डिस्क्लेमर: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया मनोचिकित्सक से संपर्क करें या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
