ग्वालियर (मध्य प्रदेश): शहर के लक्ष्मीगंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की उसके ही करीबी दोस्त ने बेरहमी से हत्या कर दी। जिसे पुलिस पहले महज एक ‘नशे की हालत में गिरने’ से हुई मौत मान रही थी, वह असल में एक सोची-समझी साजिश और कुकर्म के विरोध का परिणाम निकली। जनता की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी है।
क्या है पूरा मामला?
लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी के पास स्थित नाले में 13 मार्च को एक 34 वर्षीय युवक, मोनू (पुत्र स्व. राजू गौड़) की लाश मिली थी। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि युवक ने शराब पी रखी होगी और अनियंत्रित होकर नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के संदेह और पुलिस की गहरी तफ्तीश ने कहानी को पूरी तरह पलट दिया।
शराब, कुकर्म और फिर हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी करण उर्फ लल्ला पाल और मोनू के बीच लंबे समय से समलैंगिक संबंध थे। घटना वाले दिन (11 मार्च) आरोपी ने पहले मोनू को जमकर शराब पिलाई। इसके बाद उसने मोनू के साथ जबरन कुकर्म किया। जब मोनू ने इस घिनौने कृत्य का विरोध किया, तो लल्ला पाल अपना आपा खो बैठा। उसने पहले मोनू को बुरी तरह पीटा और फिर उसे छत से नीचे नाले में धक्का दे दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मोनू की मौके पर ही मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
पुलिस को सुराग तब मिला जब सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में करण और मोनू एक साथ मंडी के पास सीढ़ियों से कमरे की ओर जाते दिखे, लेकिन कुछ समय बाद करण अकेला ही नीचे उतरता दिखाई दिया। इसी संदेह के आधार पर जब पुलिस ने करण को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
“हत्या के आरोपी को पकड़ लिया गया है। समलैंगिक संबंधों और विवाद के चलते उसने हत्या करना स्वीकार किया है।” – मनीष यादव, सीएसपी लश्कर
जनता की सक्रियता ने दिलाया न्याय
इस मामले में स्थानीय जनता की भूमिका सराहनीय रही। यदि लोग पुलिस को करण के साथ मोनू को आखिरी बार देखे जाने की सूचना न देते, तो शायद यह मामला एक दुर्घटना मानकर बंद कर दिया जाता। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
