शिवपुरी। मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक ही नाम की गूंज है— IPS आयुष जाखड़। अमूमन खाकी को सत्ता की धमक के आगे झुकते देखा जाता है, लेकिन 2022 बैच के इस युवा अधिकारी ने यह साबित कर दिया कि अगर वर्दी का इरादा नेक हो, तो कोई भी रसूख कानून से बड़ा नहीं होता।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की ‘थार’ गाड़ी ने पांच लोगों को कुचल दिया। मामला हाई-प्रोफाइल था, दबाव भी भारी था, लेकिन करैरा में SDOP के पद पर तैनात आयुष जाखड़ ने बिना डरे न सिर्फ FIR दर्ज की, बल्कि विधायक पुत्र को थाने बुलाकर कानून का असली मतलब भी समझा दिया।
कहा जा रहा है कि जाखड़ ने सख्त लहजे में विधायक पुत्र को हिदायत दी कि “करैरा में दोबारा ऐसी हरकत न दिखे।” इस बात से विधायक प्रीतम लोधी इतने भड़क गए कि उन्होंने IPS के बंगले को ‘गोबर से भरने’ और ‘औकात दिखाने’ तक की धमकी दे डाली।
डॉक्टर से IPS बनने का शानदार सफर
आयुष जाखड़ की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर के रहने वाले आयुष पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहे।
AIIMS से MBBS: उन्होंने प्रतिष्ठित एम्स जोधपुर से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की।
PMT टॉपर: वह स्टेट PMT के टॉपर भी रहे।
UPSC में सफलता: डॉक्टरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना और 2022 में UPSC में 174वीं रैंक हासिल कर IPS बने।
रगों में दौड़ती है ‘खाकी’
आयुष के लिए पुलिस सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि विरासत है। उनके पिता दिलीप जाखड़ भी IPS अधिकारी रहे हैं, जबकि उनके नाना ASP के पद से रिटायर हुए। कानून की समझ और वर्दी का मान उन्हें विरासत में मिला है।
सोशल मीडिया के ‘रोमांटिक हीरो’
मैदान पर जितने कड़क, निजी जिंदगी में आयुष उतने ही फिल्मी हैं। उन्होंने अपनी बैचमेट और वर्तमान में ग्वालियर में ASP के पद पर तैनात IPS अनु बेनीवाल को बेहद रोमांटिक अंदाज में प्रपोज किया था। साल 2023 में हुई इस शादी के बाद यह जोड़ी मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित ‘पावर कपल’ बन गई है।
निष्कर्ष
विधायक की धमकियों के बीच IPS एसोसिएशन और जनता आयुष जाखड़ के साथ खड़ी नजर आ रही है। जाखड़ ने दिखा दिया है कि अपराधियों का ‘इलाज’ सिर्फ अस्पतालों में नहीं, बल्कि कानून की चौखट पर भी बखूबी किया जा सकता है।
