ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पुलिसिंग के गिरते स्तर और आपसी गुटबाजी का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने पूरे महकमे को शर्मसार कर दिया है। तिघरा थाने के भीतर मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि एक एएसआई ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) पर अपनी सर्विस पिस्टल तान दी। यह देख थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ एक शिकायती आवेदन की जांच थी। तिघरा थाने में पदस्थ ASI फिरोज खान और दरोगा महेंद्र कुशवाहा के बीच किसी फाइल को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ी कि फिरोज खान ने अपना आपा खो दिया और सरकारी पिस्टल निकालकर दरोगा पर निशाना साध दिया
बैटरी चोरी और भ्रष्टाचार के आरोप
विवाद के पीछे तिघरा के ही निवासी मायाराम यादव की एक शिकायत बताई जा रही है। कुछ समय पहले पुलिस ने बैटरी चोर पकड़े थे, जिसमें मायाराम से भी पूछताछ हुई थी। मायाराम ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और पैसे लेकर छोड़ा। इसी मामले की जांच ASI फिरोज खान कर रहे थे, जबकि दरोगा महेंद्र कुशवाहा ने इसमें हस्तक्षेप किया, जिससे विवाद भड़क गया।
तीन पुलिसकर्मी ‘लाइन हाजिर’
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी (SSP) धर्मवीर सिंह ने सख्त रुख अपनाया। अनुशासनहीनता और थाने के भीतर हथियार तानने के गंभीर आरोप में ASI फिरोज खान, सिपाही कमल रावत और सिपाही रवि गुर्जर को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। सिपाही रवि गुर्जर के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वह बिना किसी आधिकारिक लिखित आदेश के ‘मौखिक आदेश’ पर तिघरा थाने में पदस्थ था।
